मेरी भाषा और …..

हमेशा ही तो नही होता काम

November 11, 2008 · 1 Comment

हमेशा ही तो नही होता काम
कभी थक जाता है इंसान
रुक जाते हैं हाँथ
दिमाग हो जाता है शांत
कभी तो कलाकार भी दर्शक बनना चाहता है
लड़की माँ बनना चाहती है
लड़का पिता बनना चाहता है
बड़े बूढे खेलना चाहते है बच्चों के साथ
बच्चे हैं पिता के पास
पप्पू और रोकी में बहुत फर्क नही दीखता बाबा को
बेटी नाक के नीचे बड़ी हो जाती है
एक दिन बाबा बन जायेंगे पिता भी
कम तो होता ही रहता है
आराम भी जरुरी हो जाता है कभी

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