अभी मुझे छींक आई थी की मेरे दोस्त ने कहा किसी ने याद किया होगा, मुझे अचानक लगा भला मुझे भी कौन याद कर सकता है, और अगर किसी ने याद भी किया हो तो उसका मेरी छींक से क्या लेना देना, लेकिन यह बात जरा सोचने जैसी है यह तो अच्छी बात है उसने कहा किसी ने याद किया होगा, क्योकि एक बार मैंने ऐसे ही छींका था की मेरे एक दोस्त ने कहा था तुम मुझसे कुछ छिपा रहे हो वैसे तो कुछ छिपाना कोई आश्चर्य की बात नही है पर उसने बड़े ही विश्वास के साथ यह कहा था, वैसे यह तो छींक की बात चल रही है एक बार क्या हुआ की मेरी जीभ जोरदार से कट गई थी और खून निकलने लगा था, तब भी ऐसे ही एक मित्र ने कहा था किसी ने तुम्हे बहुत गहराई से याद किया है, अब न जाने कौन से लोग है जो इतनी गहराई से याद करते है इससे तो अच्छा है की न ही याद करे तो ढेर सारी मुसीबतों से बचत होती रहे.
मेरा मानना है की आप सभी को कोई न कोई ऐसे ही याद करता होगा, और कभी छींक आ जाती होगी तो कभी हिचकी तो कभी जीभ कट जाती होगी या फिर कभी ऐसे ही कुछ छोटे मोटे हादसे हो जाते हों.